खौफ्फ़ से भरी 3 सच्ची डरावनी कहानियाँ

 

मेरा नाम आयशा है। और मैं मुंबई के वडाला में रहती हूँ। मैं जो कहानी बताने जा रही हूँ यह मेरी दोस्त के साथ हुआ था। एक बार हम सब मेरी मामी के घर गए थे। उनका घर मुंबई में रे रोड पर है। उनके घर के पास एक दरगाह भी है, जहाँ लोगों पर से भूत-प्रेतों को उतारा जाता है। उस दिन हम लोग उसी दरगाह में गए हुए थे। हमने देखा कि वहाँ एक लड़की आई हुई थी। उसके ऊपर एक बहुत ही बुरी आत्मा सवार थी। मेरी दोस्त उस लड़की को बहुत गौर से देख रही थी। और वह लड़की भी वहाँ बैठी मेरी दोस्त को बहुत गुस्से से देख रही थी। साथ ही बता दूँ कि तब तक मेरी वह दोस्त भूत-प्रेतों को नहीं मानती थी।


हम लोग को घर वापस आते-आते रात के 11 बज गए थे। लेकिन घर आते ही मेरी वह दोस्त बहुत ही उल्टी-सीधी हरकतें करने लगी। वह घर में सबको गालियाँ दे रही थी। तो उसकी मम्मी मेरे घर आईं पूछने के लिए कि तुम लोग कहाँ गए थे। मैंने उनको बता दिया कि हम लोग मीरा दातार दरगाह में गए थे। उसकी मम्मी ने बताया कि जब से वह घर आई है वह बहुत अजीब-अजीब हरकतें कर रही है। तो मेरी अम्मी उसको उसी वक्त एक मौलाना के पास लेकर गईं। मैं भी साथ में गई थी।


मौलाना को देखते ही वह और ज्यादा गुस्से में आ गई। तो मौलाना ने उसे एक रस्सी से बाँध दिया और दो थप्पड़ लगाए। मौलाना ने उससे पूछा, “बता कौन है तू? क्यों इस बच्ची के पीछे पड़ी है?” तो उसने बताया कि मेरी शादी एक लड़के से हुई थी। लेकिन उस लड़के की माँ और बहन मुझे बिलकुल पसंद नहीं करती थीं। उसने कहा कि एक दिन मेरे पति किसी काम से नागपुर गए हुए थे। तो रात में जब मैं रसोई में काम कर रही थी, तो उसकी माँ और बहन ने मुझे रसोई में जिंदा जला दिया। और घर को बाहर से बंद कर के चले गए। मेरी आत्मा तब से भटक रही है।


मैं उस दरगाह में उस लड़की के अंदर थी। लेकिन उसने वहाँ मुझे देखकर मुँह बनाया और मुझे गाली दी। इसलिए मैं इसके साथ इसके घर में आ गई। मैं इसे नहीं छोड़ूँगी, इसने मुझे बहुत गुस्सा दिलाया है।” उसकी बात सुनकर मौलाना ने हम सबको अपने साथ बाहर आने को कहा। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही ताकतवर आत्मा है। यह इतनी आसानी से इसे नहीं छोड़ेगी। आपको इसे उसी दरगाह पर ले जाना होगा। वहीं पर इस आत्मा को इस लड़की में से निकाला जा सकता है।


फिर हम लोग उसे मीरा दातार वाली दरगाह में लेकर आए। तो वहाँ के एक बाबा ने उस आत्मा को उसके अंदर से निकाल दिया। और उसे एक ताबीज़ दिया और कहा कि इसे कभी भूल कर भी मत उतारना। नहीं तो वह फिर से आ जाएगी। और हर जुमेरात को यहाँ इस दरगाह में आना। कुछ दिनों बाद ही मेरी दोस्त बिल्कुल ठीक हो गई। लेकिन उसे आज तक यह पता नहीं कि उसके साथ यह सब हुआ था। वह अब बिल्कुल ठीक है। आज उसकी शादी हो चुकी है। और उसका एक 2 साल का बेटा भी है।


मेरा नाम मधुल है और मैं प्रयागराज से हूँ। यह जो घटना मैं आपको बताने जा रहा हूँ यह सब मेरे मामा और मामी के साथ साल 2002 में हुआ था। उन दिनों मेरे मामा-मामी शिमला में रहते थे। एक सुबह मामा-मामी अपने घर की छत पर बैठे चाय पी रहे थे। कि तभी एक तेज हवा का झोंका अचानक मामी से आ टकराया। उस वक्त उन्हें बहुत अजीब तो लगा। लेकिन उन दोनों ने ही उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन उसके बाद मामी की अचानक तबियत खराब हो गई। वह हमेशा बीमार रहने लगी थीं। उनके पेट में हर वक्त दर्द होता रहता था। मामा जी ने उन्हें कई अस्पतालों में दिखाया, लेकिन कोई भी डॉक्टर उनकी बीमारी को समझ ही नहीं पा रहा था। फिर एक दिन किसी के कहने पर मामा-मामी को एक बाबा के पास लेकर गए।


उस बाबा ने मामी के ऊपर झाड़-फूँक किया और बताया कि इनके ऊपर कोई ऊपरी चक्कर है। लेकिन मैं इसे ठीक नहीं कर सकता। इसे ठीक करने के लिए तुम्हें इसे बनारस के एक शिव मंदिर में ले जाना पड़ेगा। वहाँ तुम्हें एक बाबा मिलेंगे, जिनका नाम पवारी बाबा है। वह इसे ठीक कर सकते हैं। मामा अगले ही दिन मामी को लेकर बनारस निकल गए। लेकिन वहाँ जाते हुए मामी अजीब-अजीब हरकतें करने लगीं। वह चिल्लाने लगीं कि मुझे वहाँ नहीं जाना, मैं बिल्कुल ठीक हूँ। लेकिन मामा को यह पता था कि यह वह नहीं, उनके अंदर का भूत कर रहा है।


सब घरवाले बहुत परेशान हो गए थे। किसी तरह मामा-मामी को पकड़कर बनारस पहुँचे और उस शिव मंदिर में लेकर गए। मंदिर में वह उन बाबा के पास गए और उनको पूरी घटना बताई। तो बाबा ने मामी को एक कुर्सी पर बैठा दिया। और अपनी तीन उंगलियाँ मामी के माथे पर रखकर पूछा- “बोल, कौन है तू? और इसके पीछे क्यों पड़ा है?” मामी के अंदर से आवाज आई- “मैं शैतान हूँ। मुझे इसकी बुआ ने भेजा है। इसकी ज़िंदगी तबाह करने के लिए।” बाबा ने मामी के ऊपर राख जैसी एक चीज फेंकी। तो उसी वक्त उनके अंदर से एक काला धुआँ निकला और मंदिर से बाहर चला गया। फिर मामा मामी को लेकर वापस आ गए।


मामी ने यह बात सब घरवालों को बताई तो सब लोग उनकी बुआ के पास गए। और उनसे पूछा तो उनकी बुआ ने कहा कि “मैं इसकी जिंदगी जरूर बर्बाद करूँगी। इसकी जिंदगी मेरे बेटे से अच्छी क्यों है? मेरे बेटे को कुछ नहीं मिला। न खेत, न जमीन, न घर में हिस्सा। सब कुछ यही ले गई। मैं इसे मार डालूँगी।” उनकी बात सुनकर सब लोग उनको मारने पर उतारू हो गए। लेकिन मामा ने किसी तरह सबको रोक लिया। उसके बाद मामा ने बुआ से सब रिश्ते तोड़ लिए। और हरिद्वार आकर रहने लगे। उस दिन के बाद से अभी तक उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।


मेरा नाम करण है। मैं अमृतसर का रहने वाला हूँ। मैं आपको अपने कज़िन के साथ घटित एक सच्ची घटना के बारे में बताना चाहता हूँ। उसका नाम साकेत है। यह 2013 की बात है जब वह 17 साल का था। उसको रात में बाहर घूमने का बहुत शौक था। इसलिए रात में उसकी फैमिली के सो जाने के बाद वह अकेला अपनी बाइक लेकर बाहर घूमने चला जाता था। तो ऐसे ही एक रात वह अपनी बाइक लेकर निकला और एक पार्क के सामने एक बेंच पर जाकर बैठ गया और अपना फोन चलाने लगा।


उसको ऐसा करने में बहुत मजा आता था। वह उस बेंच पर बैठा ही था कि उसको पीछे पार्क से किसी लड़की की आवाज़ आई, “साकेत, मेरे पास आओ।” वह अपने साथ एक टॉर्च भी रखता था। उसने पार्क की तरफ टॉर्च मारी तो देखा कि एक बहुत ही सुंदर लड़की लाल कपड़ों में उसे पार्क के अंदर बुला रही थी। साथ ही बता दूँ कि मेरा कज़िन थोड़ा लड़कियों के पीछे भागने वाला टाइप का था। उस लड़की को देखकर उसने सोचा कि आज तो उससे सेटिंग हो जाएगी।


वह उस पार्क के गेट को कूदकर अंदर गया और उस लड़की से बातें करने लगा। उसने बताया कि उस लड़की की खुशबू पूरे पार्क में फैली हुई थी। वह उसके पास जाकर बैठा और बातें करने लगा। उस लड़की ने बताया कि वह यहाँ से थोड़ी दूर रहती है और उसे भी रात में घूमने की आदत है। और फिर ऐसे ही बातें करते-करते उस लड़की ने उसके साथ गंदे काम करना शुरू कर दिया।


अब मेरा भाई रोज रात को उस लड़की से मिलने जाता और उसके साथ वह हरकतें करके वापस आ जाता। ऐसे ही तीन महीने गुजर गए। उसने इस बारे में किसी को नहीं बताया। लेकिन उसका वजन सीधा 89 से 56 पर आ चुका था। उसे इतना कमजोर होते देख उसके घरवालों को चिंता हो गई। उसका ब्लड टेस्ट करवाया तो उसके अंदर खून की कमी थी।


फिर मेरे भाई ने यह बात सबसे पहले मुझे बताई। और मैंने यह बात उसकी मम्मी को बता दी। और अगले ही दिन हम उसको एक बाबा के पास लेकर गए। बाबा बोले कि इसके बचने की संभावना बहुत कम है। इसे जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती करवाओ। हमने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया तो डॉक्टर बोले कि इसके खून में संक्रमण हो गया है। पूरी बॉडी का खून बदलना पड़ेगा। उसके बाद बाबा ने हमें बताया कि वह एक चुड़ैल है जो इसका खून पी रही है।


मेरे भाई ने रात में उसके पास जाना बंद कर दिया। लेकिन अब वह उसे हर जगह दिखाई देने लगी। हमें भी उसके कमरे से एक अजीब सी खुशबू आती रहती थी। फिर एक दिन उस बाबा ने उसी पार्क में जाकर कोई क्रिया की और तब जाकर उसकी जान बच सकी। उस बाबा ने बताया कि हमें कभी भी किसी सुनसान जगह पर नहीं बैठना चाहिए। इन भूतों और चुड़ैलों के तीन तरीके होते हैं जिनसे यह इंसानों को मारते हैं। उनका खून पीकर, बार-बार डराकर, या उसका नुकसान करके जिससे वह आदमी डिप्रेशन में चला जाए।


आज मेरा भाई बिलकुल ठीक है लेकिन आज भी वह लड़की कई बार उसे सपने में दिखाई देती है

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.